खुली किताब – An Open Book

पन्नों के मोड़े हुए कोनों में फंसे दिल का ख़ाब हूँ // गुफ़्तगू से चुराए आँसुओं का सैलाब हूँ... // साथ रची तुम्हारी कविता हूँ... वो कहती है - मैं खुली किताब हूँ।